दिग्दर्शन :: विचित्रा :: इलेक्ट्रॉनिक रवीन्द्ररचनावली :: स्कूल ऑफ कल्चरल टेक्स्टस एण्ड रेकॉर्डज़, यादवपुर विश्वविद्यालय पृष्ठ के ऊपरी भाग को देखें

বিচিত্রা: বৈদ্যুতিন রবীন্দ্র-রচনাসম্ভার

Bichitra: Online Tagore Variorum :: School of Cultural Texts and Records

विचित्रा: इलेक्ट्रॉनिक रवीन्द्ररचनावली :: स्कूल ऑफ कल्चरल टेक्स्टस एण्ड रेकॉर्डज़

 
 

दिग्दर्शन

कृति सूची

विकल्प मेन्यू से पहले भाषा (बँगला या अंग्रेज़ी) चुनें, और फिर इच्छित रचना-विधा। प्रत्येक रचना-विधा (कविता एवं गीत, नाटक इत्यादि) के लिये, कृति सूची को दो तरीकों से पेश किया गया है।

वर्णक्रमानुसारी सूची

रंगाकन उपर्युक्त खुले छोटे पन्ने में, जिस पाठरूप-नाम का रंग काला है, वह पाठरूप वेब्सायिट में सम्मिलित है। जो पाठरूप-नाम का रंग लाल है, वह पाठरूप वेब्सायिट में मौजूद नहीं है – यानी उस पाठरूप की छवियाँ, प्रतिलिपि एवं पाठ-भेद वेब्सायिट में नहीं मिलेंगे।
हमे खेद है कि रवीन्द्रभवन से मुद्रित पुस्तकों एवं पत्रिकावों की छवियों की आखिरी किस्त हमें नहीं प्राप्त हुवी। अन्य सहयोगी संस्थावों के सदय सहयोग से यह कमियाँ कुछ कुछ भरी गयी। तब भी हमारी पूरी चेष्टा के बावजूद, कुछ कमियाँ रह गयी हैं।

संपूर्ण तालिका


इस तालिका में प्रत्येक रचना का विवरण दिया गया है। तालिका के अलग अलग डिब्बों में, निम्नांकित चिह्नों का प्रयोग हुआ है –

जिस पाठरूप के नाम के पास उपर्युल्लेखित कोई भी चिह्न न हो, वह पाठरूप की छवियाँ हमें प्राप्त नहीं हो पायी, तथा उसकी प्रतिलिपि एवं पाठान्तर भी वेब्सायिट में अनुपलब्ध हैं।

अन्य सूचियाँ

संपूर्ण बंगला सूची में प्रत्येक विधा का एक तीसरा भाग भी है - अन्य सूचियाँ । रचनावों के पर्यायी शीर्षकों की खोज इन अन्य सूचियों द्वारा की जा सकती है । बंगला ‘छोटी कहानी एवं उपन्यास’ वाले भाग में अन्य सूचियों की तहत ‘सूची’ के उपभाग में छोटी कहानियों के संकलन की सूची भी प्राप्य है ।

इन अन्य सूचियों में किसी रचना की खोज करने, पहले CTL+F (P.C.) या CMD+F (Mac) दबायें । एक छोटा डिब्बा खुलेगा जिसमें रचना का नाम टाइप किया जा सकता है । अगर उस रचना का नाम पाया जायें तो वह रंगांकित होकर आसानी से पाठक को दिखेगा ।

कालक्रमानुसारी सूची

संपूर्ण बंगला सूची के इस भाग में प्रकशित पत्रिकावों एवं प्रकशित पुस्तकों की प्रकाशन तिथि के आधार पर एक समयानुसारी सूची प्राप्य है । इस सूची को काम में लाने के लिये दो तरीके है ।

हमे खेद है कि रवीन्द्रभवन से मुद्रित पुस्तकों एवं पत्रिकावों की छवियों की आखिरी किस्त हमें नहीं प्राप्त हुवी। अन्य सहयोगी संस्थावों के सदय सहयोग से यह कमियाँ कुछ कुछ भरी गयी। तब भी हमारी पूरी चेष्टा के बावजूद, कुछ कमियाँ रह गयी हैं।

  सूचना: – इछित रचना का प्रकाशन-इतिहास तथा पाठरूपों की छवियों एवं प्रतिलिपियों को तेज़ी से पाने के लिये ‘वर्णक्रमानुसारी सूची’ देखें। रचना संबिधित पूरी उपलबध जानकारी पाने के लिये ‘संपूर्ण तालिका’ देखें।